विश्व होमियोपैथी दिवस कब मनाया जाता है | World Homeopathy Day 2023 Theme in Hindi

World Homeopathy Day 2023: मौजूद चिकित्सा प्रणालियां बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए अपने दार्शनिक दृष्टिकोणों में भिन्न होती हैं| हम कई बार दुविधा में रहते हैं कि हम इलाज के लिए क्या चुनें- आयुर्वेदिक, एलोपैथी या होमियोपैथी उपचार| 18 वीं शताब्दी में भारत में आया होमियोपैथी, आज पूरी तरह से भारतीय संस्कृति में आत्मसात हो गया है| जैसे-जैसे होमियोपैथी का दायरा बढ़ रहा है, लोगों में इसके प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है| आज दुनिया के कई देशों में होमियोपैथी से इलाज हो रहा है|पुरे विश्व में होमियोपैथी के महत्व और चिकित्सा की दुनिया में इसके योगदान को चिह्नित करने के लिए, वर्ष में एक दिन विश्व होमियोपैथी दिवस मनाया जाता है| आइये जानते हैं विश्व होमियोपैथी दिवस कब मनाते हैं (World Homoeopathy Day is celebrated on) और क्या है इसका महत्त्व: 

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होमियोपैथी क्या होता है (What is Homoeopathy)

होमियोपैथी एक चिकित्सा प्रणाली है, जो इस विश्वास पर आधारित है कि "शरीर खुद को ठीक कर सकता है"| जो लोग इसका अभ्यास करते हैं, वे पौधों और खनिजों जैसे प्राकृतिक पदार्थों की छोटी मात्रा का उपयोग करके इलाज करते हैं| होमियोपैथी में एक व्यक्ति को आमतौर पर उसके शरीर के उपचार तंत्र को ट्रिगर करके ठीक किया जाता है| दवा का यह महत्वपूर्ण रूप इस सिद्धांत पर आधारित है कि प्राकृतिक अवयवों से बनी दवाओं का उपयोग करके इसके समान लक्षणों को प्रेरित करके किसी भी प्रकार की बीमारी को ठीक किया जा सकता है| आज तक, दुनिया भर में कई लोग पूरी तरह से होमियोपैथी उपचार के द्वारा ठीक हो चुके हैं|

इसके अलावा, कई लोग जो एलोपैथिक दवा का पालन कर रहे हैं, वे होम्योपैथी में स्विच कर रहे हैं| स्विच के मुख्य कारणों में से इसका सस्ता होना और होमियोपैथी दवाओं में एलोपैथिक दवाओं की तुलना में तुलनात्मक रूप से कम या कोई दुष्प्रभाव नहीं होना है| 


विश्व होमियोपैथी दिवस कब मनाते हैं (World Homoeopathy Day is celebrated on)

विश्व होमियोपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को चिकित्सा की दुनिया में होमियोपैथी के योगदान को  याद करने के लिए मनाया जाता है| यह दिन, होमियोपैथी के संस्थापक, जर्मन चिकित्सक डॉ क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है| 10 अप्रैल, 1755 को पेरिस में जन्मे, हैनिमैन एक प्रशंसित वैज्ञानिक, महान विद्वान और भाषाविद् थे, जिन्होनें होमियोपैथी के उपयोग के माध्यम से  लोगों को स्वस्थ करने का तरीका खोजा| 2 जुलाई, 1843 को उनकी मृत्यु हो गई थी| 

father of homeopathy

विश्व होमियोपैथी दिवस का उद्देश्य (World Homoeopathy Day Objective)

विश्व होमियोपैथी दिवस(WHD), होमियोपैथी के चिकित्सा क्षेत्र में अब तक के पथ की समीक्षा करने के लिए मनाया जाता है| इस दिन का उद्देश्य चिकित्सा के रूप में होमियोपैथी के बारे में जागरूकता फैलाना और इसकी सफलता दर में सुधार की दिशा में काम करना है| इसी के साथ यह दिन हमारे सामने आने वाली चुनौतियों का जायजा लेने और होमियोपैथी के विकास के लिए भविष्य की रणनीतियां तैयार करने का अवसर देता है| 

अभी होमियोपैथी शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, जिससे एक औसत प्रैक्टिशनर की सफलता दर में बढ़ोतरी हो| बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले होमियोपैथी दवाओं के उत्पादन और उपलब्धता को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है|

केंद्रीय होमियोपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है, जो अंततः देश में बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल और वैश्विक स्तर पर होमियोपैथी की व्यापक स्वीकार्यता में तब्दील होती है|  


विश्व होमियोपैथी दिवस 2023 का विषय (World Homoeopathy Day 2023 Theme)

भारत में विश्व होमियोपैथी दिवस पर आयुष मंत्रालय एक थीम निर्धारित करता है| पिछले साल भारत में विश्व होमियोपैथी दिवस 2022 का विषय "होमियोपैथी- वैलनेस के लिए लोगों की पसंद" था| 

vishva homeopathy divas 2022

World Homeopathy Day 2022 Theme: "Homoeopathy: People's Choice for Wellness"

वर्ष 2020 में जहाँ विश्व होमियोपैथी दिवस का विषय 'सार्वजनिक स्वास्थ्य में होमियोपैथी के दायरे को बढ़ाना' (Enhancing the scope of Homoeopathy in Public Health) था, वहीँ वर्ष 2021 में भारत में इस दिवस का विषय "होम्योपैथी- एकीकृत चिकित्सा के लिए रोडमैप" (Homoeopathy: Roadmap for integrative Medicine) था|  

इस साल भारत जी20 देशों की मेजबानी कर रहा है| ऐसे में इस साल विश्व होमियोपैथी दिवस 2023 मनाने के लिए विषय है: "सर्वजन स्वास्थ्य- वन हेल्थ, वन फैमिली"   

World Homeopathy Day 2023 theme: Homoeoparivar- Sarvajan Swashtya "One Health, One Family"

भारत दुनिया में होमियोपैथीक दवाओं के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है| होमियोपैथी विभाग, आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होमियोपैथी) मंत्रालय की देखरेख में आता है| इस विशेष दिवस को चिह्नित करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा इस विषय पर एक सम्मेलन भी आयोजित किया जाता है| यह कार्यक्रम दिल्ली में होता है|

कन्वेंशन का उद्देश्य होमियोपैथीक उपचार की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए होमियोपैथीक शिक्षकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और छात्रों की क्षमता और कौशल का निर्माण करना है| कन्वेंशन में भारत और विदेशों के संसाधन व्यक्ति होंगे जो अपने नियामक ढांचे के भीतर अनुसंधान, शिक्षा और अभ्यास में सक्षम होंगे| 

कन्वेंशन इंटरैक्शन का लक्ष्य अंतरालों को पाटने और भारत में होमियोपैथी के गुणात्मक परिवर्तन के लिए सीखने का वातावरण बनाने के लिए किया गया है| इस तरह विकसित किए गए अनुसंधान, अभ्यास और शिक्षा मानकों से रोगी की देखभाल को अधिक प्रभावी ढंग से, कुशलतापूर्वक स्टैंड-अलोन और एकीकृत सेट अप में बढ़ाया जाएगा| साथ में हमें होमियोपैथी को लोगों के लिए उपचार और कल्याण की पहली पसंद बनाने की आवश्यकता है|

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