राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस कब मनाया जाता है | National Productivity Day 2023 Theme

National Productivity Day 2023: "उत्पादकता" उन चीजों को करना है, जो आप पहले कभी नहीं कर पाए| भारत में वर्ष में एक सप्ताह देश के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता और गुणवत्ता पर विचार करने के लिए "नेशनल प्रोडक्टिविटी सप्ताह" (National Productivity Week 2023) के रूप में मनाया जाता है| इसकी शुरुआत राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस यानि नेशनल प्रोडक्टिविटी डे के दिन होती है| यह राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस (National Productivity Day) कब मनाया जाता है और क्या है इसका उद्देश्य, आइये जानते हैं:  

national productivity day 2023

"मैं उस डिजिटल इंडिया का सपना देखता हूं जहां किसी भी सूचना तक पहुँचने में कोई बाधा नहीं हो"-नरेंद्र मोदी  


राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस कब मनाया जाता है (National Productivity Day 2023)

भारत में हर साल 12 फरवरी को राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस मनाया जाता है| इसी दिन वर्ष 1958 में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (नेशनल प्रोडक्टिविटी कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया) की स्थापना की गई थी| एनपीसी भारत में उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर का संगठन है| राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी है| 


नेशनल प्रोडक्टिविटी कॉउन्सिल (National Productivity Council) 

एनपीसी भारत में उत्पादकता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के तहत एक राष्ट्रीय स्तर का स्वायत्त संगठन है| इसे 12 फरवरी, 1958 को सरकार द्वारा पंजीकृत सोसाइटी के रूप में स्थापित किया गया था ताकि देश के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता और गुणवत्ता चेतना को प्रोत्साहित और बढ़ावा दिया जा सके| 

एनपीसी (नेशनल प्रोडक्टिविटी कॉउन्सिल) उत्पादकता के क्षेत्र में अनुसंधान करने के अलावा, सरकार और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों को औद्योगिक इंजीनियरिंग, कृषि-व्यवसाय, आथक सेवाएं, गुणवत्ता प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी प्रबंधन, ऊर्जा प्रबंधन, पर्यावरण प्रबंधन आदि के क्षेत्रों में परामर्शी और प्रशिक्षण सेवाएं प्रदान करता रहा है| 

यह एक त्रि-पक्षीय गैर-लाभकारी संगठन (एनजीओ) है जिसमें सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिकों के संगठनों से समान प्रतिनिधित्व है| इसमें तकनीकी और पेशेवर संस्थानों के प्रतिनिधि भी हैं, जिनमें स्थानीय उत्पादकता परिषदों और वाणिज्य मंडल के सदस्य शामिल हैं| 


यह सरकार की उत्पादकता संवर्धन योजनाओं को भी कार्यान्वित करता है और टोक्यो स्थित एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) के कार्यक्रमों को भी कार्यान्वित करता है, जो एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका भारत संस्थापक सदस्य है| 

National Productivity Day 2023 Theme 

पिछले वर्ष यानि 2022 में राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह का विषय था:

"उत्पादकता के माध्यम से आत्मनिर्भरता" 

"Self Reliance Through Productivity"

12 से 18 फरवरी 2022 को राष्ट्रीय प्रोडक्टिविटी सप्ताह (National Productivity Week 2022) उपरोक्त थीम पर मनाया गया था| आत्मनिर्भरता एक राष्ट्र, उसके लोगों या किसी भी व्यक्ति के लिए एक विकासात्मक क्वालिटी है| इसका सीधा सा अर्थ है, स्वयं के जीवन-निर्वाह और आर्थिक प्रगति के लिए पूरी तरह से सुसज्जित और कार्यात्मक होना|  

इस साल 12 से 18 फरवरी 2023 तक राष्ट्रीय प्रोडक्टिविटी सप्ताह (National Productivity Week 2023) निम्नलिखित थीम पर मनाया जा रहा है: 

"Productivity, Green Growth and Sustainability: Celebrating India's G20 Presidency" 

ग्रीन ग्रोथ केवल स्थायी प्रथाओं, संसाधन दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से ही संभव है| ग्रीन ग्रोथ पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और न्यायसंगत आर्थिक विकास, संसाधन सुरक्षा, स्वस्थ पर्यावरण (वायु, जल और भूमि) और समृद्ध पारिस्थितिकी और जैव विविधता के साथ बहाल पारिस्थितिक तंत्र के साथ भविष्य की कल्पना करता है| 

इस साल भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक जी-20 की अध्यक्षता भी कर रहा है| ऐसे में भारत के 'जी-20 समूह' की अध्यक्षता करने का जश्न मनाते हुए इस साल राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस और सप्ताह मनाया जायेगा| जी-20 अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख मंच है| यह सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक वास्तुकला और शासन को आकार देने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| 

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