लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (LDCE): इंडियन रेलवे

LDCE RAILWAY

LDCE क्या होता है? 

LDCE क्या होता है

LDCE का फुल फॉर्म होता है- Limited Departmental Competitive Exam (लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जाम) जिसका हिंदी में अर्थ "सिमित प्रतियोगी विभागीय परीक्षा" है लेकिन इसको ज्यादा LDCE या डिपार्टमेंटल एग्जाम से जाना जाता है| GDCE में रेलवे का कोई भी कर्मचारी आवेदन कर सकता है, लेकिन LDCE में ऐसा नहीं है| इसमें रेलवे के जिस डिपार्टमेंट में खाली पदों में भर्ती होनी है केवल उसी विभाग के योग्य लोअर ग्रेड के कर्मचारी, परीक्षा में बैठ सकते हैं| 
  

कौन LDCE में आवेदन कर सकता है? 

LDCE एग्जाम के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं| नियमों अनुसार LDCE परीक्षा उत्तीर्ण करके कर्मचारी की पदोन्नति हो सकती है| रेलवे में समय-समय पर LDCE परीक्षा का आयोजन होता रहता है| LDCE परीक्षा से:  
  • एक ग्रुप-डी का कर्मचारी, जिसका रेलवे में (पोस्ट के लेवल अनुसार) पर्याप्त अनुभव हो गया हो, वह LDCE पास कर ग्रुप-सी (टेक्निशन) बन सकता है| 
  • एक टेक्निशन जिसका (पोस्ट के लेवल अनुसार) पर्याप्त अनुभव रेलवे में हो, इस परीक्षा से कनिष्ठ अभियंता (JE) बन सकता है|                
  • एक पॉइंट्समैन-ए लेवल-2 से तीन साल की सर्विस के बाद स्टेशन मास्टर पर पदोन्निति प्राप्त कर सकता है| 
  • कोई जूनियर इंजीनियर या सीनियर सेक्शन इंजीनियर पाँच साल के अनुभव के बाद LDCE परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रुप-बी ऑफिसर बन सकता है|   
इस प्रकार रेलवे में जहाँ ग्रुप-सी और उसके नीचे के पदों में कोई समयबद्ध पदोन्निति नहीं है, LDCE एग्जाम की मदद से ऊपर उठने का मौका दिया जाता है|  

LDCE परीक्षा की क्या परिक्रिया है?

रेलवे में 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं, और बाकि के 50 प्रतिशत पदोन्निति से| उदाहरण के तौर पर अगर किसी डिवीज़न में किसी पद की 10 सीटें खाली हैं, तो 5 सीटें सीधी भर्ती से यानि RRB (रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड) की परीक्षा से भरी जाएंगी और बची हुई 5 सीटों के लिए उस पद के नीचे वाले पदों के कर्मचारियों का प्रमोशन किया जाएगा| 

अब जो पद प्रमोशन से भरे जाते हैं उनमें भी 20 प्रतिशत सीटें LDCE परीक्षा से भरी जाती हैं| इसका अर्थ है अगर 5 खाली पद प्रमोशन से भरने हैं, तो उन में से भी 01 सीट के लिए LDCE का आयोजन किया जाएगा| खाली पदों की गणना डिवीजन लेवल पर की जाती है|     

ग्रुप-बी के खाली पदों के लिए जो पचास प्रतिशत भाग प्रमोशन से भरना होता है, उसको भी दो भागों में बांटा गया है| एक भाग में 70 प्रतिशत सीटों के लिए एग्जाम लिया जाता है जिसमें सेनिओरिटी के हिसाब से कर्मचारी बुलाये जाते हैं| बाकि 30 प्रतिशत सीटों के लिए लेवल-6 (JE) या लेवल 7 (SSE) का कर्मचारी LDCE परीक्षा में बैठ सकता है बशर्ते उसके रेलवे में 05 साल का अनुभव हो गया हो|                 

LDCE परीक्षा को कौन आयोजित करता है?

अगर ग्रुप-सी तक के पदों के लिए यह डिपार्टमेंटल परीक्षा होनी है तो उसे सम्बंधित डिवीज़न आयोजित करता है|पहले अगर ग्रुप-बी यानि ऑफिसर पदों के लिए LDCE परीक्षा का आयोजन होना है तो पहले इसे सम्बंधित जोन आयोजित करता था| लेकिन अब इसे रेलवे के सभी संगठित विभागों के लिए सेंट्रलाइज कर दिया गया है|  

कैसे करें LDCE परीक्षा में आवेदन?

LDCE परीक्षा के लिए रेलवे का कार्मिक विभाग अधिसूचना जारी करता है| नोटिफिकेशन में अंतिम तिथि से पहले कर्मचारी को आवेदन करना होता है| इसके लिए कर्मचारी अपने कंट्रोलिंग ऑफिसर को सूचित करते हुए अपने सम्बंधित डिवीज़न या कार्यालय के क्लर्क के द्वारा कार्मिक विभाग को अपना आवेदन सौपते हैं| इसके बाद पर्सनल डिपार्टमेंट सभी पात्र कर्मचारियों की सूचि निकालता है| और फिर उन सभी पात्र कर्मचारियों की परीक्षा का आयोजन होता है| 

यह परीक्षा एक बारी में भी हो सकती है, और कई पदों के लिए इसे दो बारी में आयोजित किया जाता है|         

 LDCE एग्जाम  परीक्षा विवरण 
 ग्रुप-डी से ग्रुप-बी (लेवल-2) ट्रेड टेस्ट- लिखित और प्रैक्टिकल  
 ग्रुप-सी (टेक्निशन) से जे.ई     ब्रांच से सम्बंधित ऑब्जेक्टिव एग्जाम, सामान्य ज्ञान (100 प्रशन)   
 ग्रुप-सी पॉइंट्समैन (लेवल-2 और ऊपर) से स्टेशन मास्टर   ब्रांच से सम्बंधित ऑब्जेक्टिव एग्जाम, सामान्य ज्ञान (100 प्रशन)
 ग्रुप-सी से ग्रुप-बी ऑफिसर लेवल ऑब्जेक्टिव एग्जाम और मौखिक  



Post a Comment

1 Comments