आश्विन मास (Ashwin month) की महत्वपूर्ण तिथियाँ और महत्व

Ashwin - आश्विन 


आश्विन Important Days | आश्विन maas ka mahatv | 

सनातन संस्कृति के कैलेंडर (या पंचांग या संवत) में आश्विन को साल का सातवा महीना माना जाता है| यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के सितम्बर-अक्टूबर में पड़ता है| इस साल 2022 में 'विक्रम संवत' (calendar) का 2079वा साल और 'शक संवत' के हिसाब से 1944वा साल का आरम्भ हुआ है| विक्रम संवत के अनुसार भाद्रपद महीने में पूर्णिमा के बाद वाली प्रतिपदा, आश्विन मास की पहली तिथि होती है| 

आश्विन मास का नक्षत्र (Ashwin month) 
आश्विन मास को यह नाम 'अश्विनी' नक्षत्र की वजह से मिला है| 'अश्विनी' हिन्दू पंचांग की काल गणना में उपयोग में आने वाले 27 नक्षत्रों में से पहला नक्षत्र है|

आश्विन मास में पितृ पक्ष (Pitr Paksha and shradh) 
हिन्दू धर्म के लोगों के लिए आश्विन मास का खास महत्व है| इस माह में पितृ पक्ष पर पितरों की मुक्ति और उन्हें ऊर्जा देने के लिए श्राद्ध कर्म किये जाते हैं| पितृ पक्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ते हैं| मान्यता है कि इस पक्ष में पितृ किसी भी रूप में घर पर आ सकते हैं| अतः इस एक पखवारे (पितृ पक्ष) में किसी भी जीव का अनादर नहीं करना चाहिए| बल्कि अपने द्वार पर आने  हर किसी प्राणी को भोजन देकर सत्कार करना चाहिए|ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली में पितृ दोष काफी महत्व रखता है और इसलिए पितरों को मनाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए श्राद्ध कार्य किये जाते हैं|   

पितृ पक्ष के दौरान कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जाता| यह पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से शुरू होकर अमावस्या तक रहता है|     

आश्विन माह का महत्व (Importance of ashwin maas)   
जैसे सावन को शिव जी का महीना, भाद्रपद को कृष्ण भगवान का महीना माना जाता है, उसी प्रकार आश्विन माह को देवी दुर्गा का माह कहा जाता है| भारत वर्ष में हर साल चार नवरात्र मनाई जाती है लेकिन आमतौर पर लोग साल में चैत्र और शारदीय नवरात्र को सबसे ज्यादा मानते हैं| शारदीय नवरात्र की शुरुआत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष से होकर विजयदशमी में इसका समापन होता है| नवरात्र में भक्तगण 9 दिन का उपवास रखते हैं और देवी दुर्गा की विधि पूर्वक उपासना करते हैं| 
     
आश्विन महीने की महत्वपूर्ण तिथियां  (Important Days in Ashwin Month) 
विक्रम संवत के भादो (भाद्रपद) महीने की पूर्णिमा के बाद ही आश्विन मास का आरम्भ होता है| आइये जानते हैं आश्विन मास की कुछ महत्वपूर्ण तिथियां|  
तिथि महत्वता 
प्रतिपदा
(कृष्ण पक्ष)
  
द्धितीया   
तृतीया 
चतुर्थी 
पंचमी 
षष्ठी 
सप्तमी 
अष्टमी जीवित्पुत्रिका व्रत (Jeevtputrika Vrat)
आशा भोगती व्रत (Aasha Bhogati Vrat) 
नवमी 
दशमी 
एकादशी  इंदिरा एकादशी (Indra Ekadashi) 
द्धादशी 
त्रयोदशी 
चतुर्दशी 
अमावस्या
पितृविसर्जन अमावस्या (Pitravisarjan Amavasya)
महालया (Mahalaya)  
बथुकम्मा
प्रतिपदा
(शुक्ल पक्ष) 
शारदीय नवरात्रि व्रत (Navratri Vrat)
माँ शैलपुत्री व्रत
अशोक व्रत (Ashok Vrat) 
द्धितीया माँ ब्रह्मचारिणी व्रत
तृतीया माँ चन्द्रघण्टा व्रत
चतुर्थी माँ कुष्मांडा व्रत
पंचमी माँ स्कंदमाता व्रत
षष्ठी माँ कात्यायनी व्रत
सप्तमी माँ कालरात्रि व्रत
अष्टमी माँ महागौरी व्रत
दुर्गाष्टमी (Durgashtami) 
नवमी माँ सिद्धिदात्री व्रत
दशमी दशहरा (Dusshera)
एकादशी पापांकुशा एकादशी (Papamkusha Ekadashi) 
द्धादशी 
त्रयोदशी 
चतुर्दशी वराह चतुर्दशी (Varah Chaturdashi) 
पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima)
वाल्मीकि जयंती (Valmiki Jayanti)

    
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