चैत्र मास- Chaitra 2022 | विक्रम सम्वत नववर्ष -Indian New Year 2022

Chaitra- चैत्र 


Chaitra Important Days | Chaitra Navratri | 

सनातन संस्कृति के कैलेंडर (या पंचांग या संवत) में चैत्र को साल का पहला महीना माना जाता है| यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के मार्च-अप्रैल में पड़ता है| चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पहली तारीख (प्रतिपदा तिथि) से ही हिन्दू नववर्ष आरम्भ होता है जिस तिथि को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से नववर्ष मनाते है| इस साल 2022 में 'विक्रम संवत' (calendar) का 2079वा साल और 'शक संवत' के हिसाब से 1944वा साल का आरम्भ होगा| इसी दिन चैत्र नवरात्रों की भी शुरुआत होती है|  

चैत्र माह 2022 कब शुरू है | Indian New Year 

इस साल यानि 2022 में चैत्र माह की शुरुआत 19 मार्च 2022 से होगी जिस दिन चैत्र माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा है| वहीँ चैत्र माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 2022 में 02 अप्रैल 2022 को पड़ रही है| इसी दिन अधिकतर भारतीय चंद्र कैलेंडर के हिसाब से नव वर्ष प्रारम्भ होता है| इसी तिथि को विक्रम सम्वत 2079 की भी शुरुआत होगी|    

चैत्र मास का नाम कैसे पड़ा (Chaitra month) 

चैत्र मास को यह नाम 'चित्रा' नक्षत्र की वजह से मिला है| चित्रा 27 नक्षत्रों में से 14वा नक्षत्र है| अमावस्या के बाद जब मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रकट होकर रोज एक-एक कला बढ़ता हुआ 15वें दिन चित्रा नक्षत्र में पूर्णता को प्राप्त करता है तब वह मास 'चित्रा' नक्षत्र के कारण 'चैत्र' कहलाता है|  

चित्रा नक्षत्र अंग्रेजी में (Chitra in english)

चित्रा नक्षत्र को अंग्रेजी में स्पाइका 'Spica' constellation  कहते हैं|    

चैत महीने की महत्वपूर्ण तिथियां  

पंचांग (हिन्दू कैलेंडर) जिसमें ग्रहों, नक्षत्रों की दशा व दिशा पर तिथि, त्यौहार आदि का निर्धारण होता है उसमें प्रत्येक दिन में पड़ने वाले शुभाशुभ योग एवं मुहूर्त का विवरण भी होता है| चाहे किसी भी घडी पर तिथि का आरम्भ हो पर उस तिथि का अपना इतिहास और महत्व होता है| आइये जानते हैं चैत्र मास की तिथियों के खास महत्व|    
तिथि  महत्वता 
प्रतिपदा 
(शुक्ल पक्ष)  

द्धितीया   

तृतीया 

चतुर्थी 

पंचमी 
षष्ठी 
सप्तमी 

अष्टमी 
शीतला अष्टमी (Sheetla Ashtami)
नवमी 

दशमी 

एकादशी 
पापमोचनी एकादशी (Paapmochni Ekadashi)
द्धादशी 

त्रयोदशी 
चतुर्दशी 

अमावस्या  

प्रतिपदा
(शुक्ल पक्ष)  
चैत्र शुक्लादी (Chaitra Sukladi)
चेती चाँद (Cheti Chand)    
द्धितीया 

तृतीया 
मत्स्य जयंती (Matsya Jayanti) 
चतुर्थी 

पंचमी 
षष्ठी 
  
सप्तमी 

अष्टमी 

नवमी 
दशमी 

एकादशी 
कामदा एकादशी (Kamda Ekadashi) 
द्धादशी 

त्रयोदशी 
चतुर्दशी 

पूर्णिमा



चैत्र मास माहात्म्य (Chaitra Maas Mahatmya)

शास्त्रों की मान्यता के हिसाब से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना आरम्भ की थी|शक संवत की शुरुआत भी इसी से होती है| इसी मास में भगवान् राम और आदि शक्ति देवी दुर्गा का प्रादुर्भाव हुआ है, इसी लिए यह मास सर्व उत्तम माना गया है| इस मास में देवी देवताओं की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है| इस मास में नवरात्रों का पर्व और मत्स्य जयंती भी मनाई जाती है| माना जाता है की भगवान् विष्णु ने दशवतारों में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नाव को सुरक्षित जगह पर पहुँचाया था| प्रलयकाल के समाप्त होने पर मनु से ही सृष्टि का प्रारम्भ हुआ था|

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